
✎ अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा हेतु केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति योजना चलाई जा रही है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों के लिए राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति (एनओएस) योजना तक पहुंच को और मजबूत करने के प्रयास किए हैं। इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक कुल 580 छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है, जिन्होंने विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश लिया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने लोकसभा में दिए गए उत्तर में बताया कि इस अवधि में 2019-20 में 41, 2020-21 में 71, 2021-22 में 98, 2022-23 में 98, 2023-24 में 114, 2024-25 में 80 तथा 2025-26 में 78 छात्रों को लाभ मिला। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए विभागीय वेबसाइट पर दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए गए हैं, समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित किए गए हैं तथा राज्य सरकारों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र भेजकर व्यापक प्रचार किया गया है। आवेदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए इसे एकीकृत समावेश (एकीकृत पहुंच तंत्र) पोर्टल पर शामिल किया गया है, जिससे डेटा प्रबंधन एवं चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी है।
इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति के प्रतिभावान छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करना है, जिससे सामाजिक समानता को बढ़ावा मिले। बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यह योजना महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे सरकार की कल्याणकारी नीतियों, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की भूमिका तथा डिजिटल प्रशासनिक सुधारों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, योजना के अंतर्गत धनराशि के शीघ्र वितरण के लिए भारतीय मिशनों को अग्रिम राशि जारी करने जैसी व्यवस्थाएं भी प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, जो परीक्षा में ‘गुड गवर्नेंस’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे विषयों के साथ जुड़ सकती हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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