✎ अंधविश्वास के कारण उत्पन्न भय को दूर करने हेतु अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों के साथ रात बिताकर विश्वास बहाल किया गया।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Society
अमरावती के आदिवासी छात्रावास में ‘भूत’ के अफवाहों के चलते जब लगभग 610 विद्यार्थियों ने भयभीत होकर छात्रावास छोड़ दिया था, तब जिला प्रशासन ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया। अमरावती के कलेक्टर आशीष येरकर, ज़िला परिषद सीईओ सत्यम गांधी, पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम सहित शीर्ष अधिकारियों ने मंगलवार रात छात्रावास में ही रुककर विद्यार्थियों के मन से भय दूर करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने न सिर्फ रात भर वहां रुककर विद्यार्थियों से बातचीत की बल्कि उन्हें अंधविश्वास त्यागने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा भी दी। बाद में हुई स्वास्थ्य जांच में किसी अलौकिक गतिविधि का कोई प्रमाण नहीं मिला, बल्कि प्रभावित लड़कियों में मानसिक तनाव और भय के कारण होने वाले लक्षण जैसे कि रोने के दौरे, भूख न लगना, याददाश्त कमजोर होना आदि पाए गए। अधिकारियों ने नवनिर्मित बालिका छात्रावास का भी उद्घाटन किया, जिससे अतिभारित सुविधाओं की कमी को दूर किया जा सके।
यह घटना समाज में व्याप्त अंधविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित करती है। बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए यह विषय सामाजिक मुद्दों, प्रशासनिक पहलों और जनकल्याणकारी योजनाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से आरबीआई ग्रेड बी के पेपर-2 में सामाजिक सरोकार और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित प्रश्नों में इसका उपयोग किया जा सकता है। इसी प्रकार, एसएससी सीजीएल में समाजशास्त्र और सामान्य जागरूकता के सेक्शन में भी इस घटना का उल्लेख प्रशासनिक पहलों और जनता के प्रति जवाबदेही के उदाहरण के तौर पर किया जा सकता है। बैंक पीओ परीक्षा में भी सामाजिक मुद्दों और सरकारी नीतियों के विश्लेषणात्मक पहलुओं पर प्रश्न पूछे जाते हैं, जहां इस घटना से संबंधित तथ्यों का उपयोग किया जा सकता है।
स्रोत: The Indian Express
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