✎ आंध्र प्रदेश सरकार ने शराब नीति 2026-27 के तहत 3,736 दुकानों का नवीनीकरण किया, जिसमें डिजिटल निगरानी एवं विशेष समुदाय के लिए आरक्षण शामिल है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
अंध्र प्रदेश सरकार ने 11 सितंबर, 2026 को ‘एक्साइज़ शॉप्स पॉलिसी 2026-27’ को अधिसूचित किया है, जिसमें राज्य भर में 3,736 शराब की खुदरा दुकानों को अगले एक वर्ष अर्थात 1 अक्टूबर, 2026 से 30 सितंबर, 2027 तक बनाए रखने का निर्णय लिया गया है। इनमें 3,396 दुकानें खुली श्रेणी में रहेंगी, जबकि 340 दुकानों को गीता कुलालु (ताड़ी निकालने वाले समुदाय) के लिए आरक्षित रखा गया है। इस नीति के तहत मौजूदा लाइसेंसधारकों को एक वर्ष के लिए अपने रिटेल शराब दुकानों के लाइसेंस का नवीनीकरण करने की अनुमति दी गई है, जिसके लिए उन्हें रिन्यूअल रिटेल एक्साइज़ टैक्स (आरईटी) सहित अन्य शुल्कों का भुगतान करना होगा। नीति में डिजिटल निगरानी को सख्त किया गया है, जिसमें उत्पादन से लेकर खुदरा बिक्री तक ‘ट्रैक एंड ट्रेस’ प्रणाली, डिजिटल स्टॉक एवं बिक्री रिकॉर्ड तथा ई-इन्वेंटरी मॉनिटरिंग शामिल है। प्रत्येक दुकान में चार सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है, जिन्हें एआई-सक्षम कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा, जबकि नियमों का उल्लंघन करने पर 25 लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा लाइसेंस रद्द किए जाने का प्रावधान है।
यह नीति बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें राजकोषीय नीति, कराधान, डिजिटल निगरानी एवं प्रशासनिक व्यवस्था जैसे विषय शामिल हैं, जो प्रशासनिक सुधारों एवं राजस्व प्रबंधन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। बैंक पीओ एवं एसबीआई परीक्षाओं में राजकोषीय नीतियों एवं कर संग्रहण तंत्र पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं, जबकि आरबीआई ग्रेड बी में नीति निर्माण एवं इसके आर्थिक प्रभावों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इसके अतिरिक्त, डिजिटल निगरानी एवं पारदर्शिता पर जोर
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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