✎ आईसीपी 2.0 भारत की सांस्कृतिक विरासत तक डिजिटल पहुंच को बढ़ाने वाला एकीकृत प्लेटफॉर्म है जो बहुभाषी, एआई-सक्षम और सुरक्षित है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Art & Culture
मार्च 2026 में लॉन्च किए गए उन्नत भारतीय संस्कृति पोर्टल (आईसीपी) संस्करण 2.0 के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विरासत तक डिजिटल पहुंच को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं। इस पोर्टल को आधुनिक, सुरक्षित और उन्नत आर्किटेक्चर के साथ विकसित किया गया है, जिससे देश के विविध सांस्कृतिक संसाधनों तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित होती है। इसमें उन्नत खोज क्षमताएं, बहुभाषी समर्थन (22 भारतीय भाषाओं में), बेहतर यूजर इंटरफेस, प्रोग्रेसिव वेब एप्लिकेशन (पीडब्ल्यूए) और एआई-सक्षम चैटबॉट ‘भारती’ जैसी सुविधाएं शामिल हैं। यह पोर्टल संस्कृति मंत्रालय के अधीन संग्रहालयों, पुस्तकालयों, अभिलेखागारों और अन्य सांस्कृतिक संस्थानों से डिजिटल संसाधनों को एकीकृत करता है, जिससे अनुसंधान, शिक्षा और जनजागरूकता को बढ़ावा मिलता है। इसके अतिरिक्त, यह पोर्टल सभी उपकरणों पर अनुक्रियाशील है, जिससे वैश्विक स्तर पर सुलभता सुनिश्चित होती है।
इस पहल का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी अत्यधिक है। परीक्षाओं में ‘भारत की सांस्कृतिक विरासत’, ‘डिजिटल इंडिया’, ‘स्मार्ट इंडिया’ और ‘सार्वजनिक सेवाओं के डिजिटलीकरण’ जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं। आईसीपी 2.0 जैसी पहलों से सरकार की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का पता चलता है, जो परीक्षाओं में ‘नीति निर्देश’, ‘आर्थिक विकास’ और ‘सामाजिक कल्याण’ जैसे विषयों के साथ जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा, बहुभाषी पहुंच और एआई-सक्षम सुविधाएं तकनीकी नवाचार और समावेशिता को दर्शाती हैं, जो आधुनिक भारत की विकास यात्रा का एक प्रमुख पहलू है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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