✎ MPC ने रेपो दर 5.25% पर स्थिर रखने का निर्णय लिया तथा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बताया।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**मौद्रिक नीति वक्तव्य, 2026-27**
**मौद्रिक नीति समिति का प्रस्ताव, 3 से 5 अगस्त 2026**
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने 3 से 5 अगस्त 2026 तक अपनी 62वीं बैठक आयोजित की, जिसमें अध्यक्ष श्री संजय मल्होत्रा (RBI गवर्नर) सहित सभी सदस्य (डॉ. नागेश कुमार, श्री सौरभ भट्टाचार्य, प्रो. राम सिंह, डॉ. पूनम गुप्ता एवं श्री इंद्रनील भट्टाचार्य) ने भाग लिया। MPC ने सर्वसम्मति से रेपो दर 5.25% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया, जिससे SDF दर 5.00%, MSF दर एवं बैंक दर 5.50% पर स्थिर बनी रहीं। इसके साथ ही, समिति ने तटस्थ रुख बनाए रखने का फैसला किया। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, अस्थिर तेल कीमतें एवं AI-संचालित उत्पादकता के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत रहने से डॉलर की मजबूती बनी रही, जबकि कई केंद्रीय बैंकों ने मुद्रास्फीति पर नियंत्रण के लिए दरों में वृद्धि की। घरेलू स्तर पर भारतीय अर्थव्यवस्था लचीली बनी रही, जिसमें निजी उपभोग, निवेश एवं सेवा निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, अल नीनो के कारण कमजोर मानसून एवं ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव से कृषि एवं ग्रामीण मांग पर जोखिम बना हुआ है। RBI ने 2026-27 के लिए वास्तविक GDP वृद्धि 6.7% (Q1: 7.0%, Q2: 6.4%, Q3: 6.5%, Q4: 6.8%) तथा CPI मुद्रास्फीति 5.0% (Q2: 4.7%, Q3: 5.9%, Q4: 5.5%) का अनुमान व्यक्त किया है।
MPC के निर्णयों का आधार मुख्य रूप से मुद्रास्फीति में वृद्धि (जून 2026 में 4.4%) एवं भू-राजनीतिक जोखिमों के बीच सतर्क रुख रहा है।
स्रोत: RBI
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