✎ मौद्रिक नीति समिति (MPC) मुद्रा नीति के रुख पर निर्णय लेने वाली आरबीआई की प्रमुख संस्था है, जिसकी बैठकों के विवरण आरबीआई अधिनियम 1934 के तहत प्रकाशित किए जाते हैं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**हिंदी नोट (प्राकृतिक परीक्षा शैली):**
अगस्त 2026 में हुई मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की 62वीं बैठक में आरबीआई गवर्नर शंकर मालहोत्रा की अध्यक्षता में सभी सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में वैश्विक एवं घरेलू आर्थिक परिदृश्य के साथ-साथ मुद्रास्फीति और विकास के दृष्टिकोण पर विस्तृत चर्चा हुई। एमपीसी ने सर्वसम्मति से रेपो दर 5.25% पर अपरिवर्तित रखने तथा तरलता समायोजन सुविधा (एलएएफ) के अन्य दरों को भी यथावत बनाए रखने का निर्णय लिया। इसके साथ ही, नीति की उदासीन स्थिति को भी बरकरार रखा गया। यह निर्णय बैंकिंग परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि आरबीआई की मौद्रिक नीति सीधे ऋण लागत, तरलता और आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करती है, जो बैंकिंग प्रणाली एवं वित्तीय बाजारों के लिए केंद्रीय विषय हैं।
घरेलू अर्थव्यवस्था के संदर्भ में, भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक चुनौतियों के बावजूद लचीली बनी रही है, जिसमें निजी खपत, निवेश और सेवा निर्यात में सुधार देखा गया। हालांकि, अल नीनो के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून में कमी और ऊर्जा मूल्यों में उतार-चढ़ाव से कृषि एवं ग्रामीण मांग पर दबाव पड़ सकता है। एमपीसी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.7% रहने का अनुमान व्यक्त किया, जबकि मुद्रास्फीति दर में मामूली वृद्धि के बावजूद इसे नियंत्रण में रखा गया। यह विश्लेषण एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, जहां मौद्रिक नीति, आर्थिक संकेतकों और आरबीआई के निर्णयों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
स्रोत: RBI
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