✎ इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम खाद्य सुरक्षा, किसान कल्याण और ऊर्जा सुरक्षा को संतुलित करते हुए अपशिष्ट एवं अधिशेष अनाज का उपयोग करता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Security
भारत का इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम खाद्य सुरक्षा, किसान कल्याण और ऊर्जा सुरक्षा के बीच एक सन्तुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। यह कार्यक्रम न केवल वैश्विक तेल कीमतों में उछाल के दौरान पेट्रोल की कीमतों को नियंत्रित करने में सहायक रहा है—जब बिना मिलावट वाले पेट्रोल की कीमत लगभग 125 रुपये प्रति लीटर होती, वहीं ईबीपी के तहत 20% इथेनॉल मिलावट के कारण उपभोक्ताओं को केवल 94.77 रुपये प्रति लीटर चुकाने पड़े—बल्कि इसने विदेशी मुद्रा में 1.97 लाख करोड़ रुपये की बचत भी की है। इसके अतिरिक्त, इसने 316 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल के आयात को प्रतिस्थापित कर ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ किया है। सरकार द्वारा खाद्यान्नों के अधिशेष एवं अपशिष्ट का उपयोग इथेनॉल उत्पादन में किया जाता है, जिससे किसानों को स्थिर आय मिलती है और खाद्य सुरक्षा के सभी दायित्वों का निर्वाह सुनिश्चित होता है। यह कार्यक्रम न केवल ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है, बल्कि किसानों के लिए एक स्थायी बाजार भी निर्मित करता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिलता है।
बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह कार्यक्रम बहुआयामी आर्थिक एवं सामाजिक लाभों का प्रतिनिधित्व करता है। बैंकिंग क्षेत्र के लिए, यह कार्यक्रम कृषि-ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के नए अवसर प्रस्तुत करता है, जिससे ग्रामीण ऋण प्रवाह एवं कृषि-औद्योगिक विकास को गति मिल सकती है। एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी के पाठ्यक्रम में शामिल विषयों जैसे—कृषि नीति, ऊर्जा सुरक्षा, विदेशी मुद्रा प्रबंधन एवं सामाजिक कल्याण योजनाओं के संदर्भ में इस कार्यक्रम का अध्ययन महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, इथेनॉल मिश्रण से संबंधित सरकारी योजनाओं, सब्सिडी मॉडल एवं पर्यावरणीय प्रभाव जैसे मुद्दे भी परीक्षा में पूछे जा सकते हैं। इस प्रकार, यह कार्यक्रम
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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