✎ उत्तराखंड में मतदाता सूची मिलान अभियान से दोहरे मतदाताओं का सत्यापन कर चुनावी पारदर्शिता बढ़ाई जा रही है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतिम चरण में चुनाव आयोग ने पांच जिलों देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में मतदाताओं का यूपी की वोटर लिस्ट से मिलान शुरू कर दिया है। इसके लिए ‘डीएसई विद पीएसई अभियान’ चलाया जा रहा है, जिसमें दोहरे नाम वाले मतदाताओं का सत्यापन कर उन्हें किसी एक राज्य की वोटर लिस्ट में रखने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। बीएलओ एप के माध्यम से यह अभियान संचालित होगा, जहां ऐसे मतदाताओं की पहचान कर उनके घर जाकर जानकारी दी जाएगी। अगर कोई मतदाता उत्तराखंड में अपना नाम रखना चाहता है तो बीएलओ उसे वेरिफाई कर देगा, अन्यथा फॉर्म-7 भरवाकर उसका नाम यूपी की लिस्ट से कटवाया जाएगा। यह कदम लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-17 के तहत लिया गया है, जिसके उल्लंघन पर एक साल की जेल या जुर्माने का प्रावधान है।
यह अभियान बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें चुनाव आयोग की पारदर्शिता और मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने की पहल पर प्रकाश डाला गया है। बैंकिंग क्षेत्र में भी ग्राहकों की पहचान और धोखाधड़ी रोकने के लिए इसी तरह के सत्यापन तंत्र अपनाए जाते हैं, जबकि एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं में लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। इस अभियान के माध्यम से मतदाता सूची में सुधार और दोहरे मतदान की रोकथाम के प्रयासों को समझने से उम्मीदवारों को प्रशासनिक सुधारों और कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी मिलती है, जो परीक्षा में उनके प्रदर्शन को बेहतर बना सकती है।
स्रोत: amarujala.com
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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