✎ उपराष्ट्रपति के शिलांग दौरे से पूर्वोत्तर में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने 7 सितंबर, 2026 को शिलांग में आयोजित एक सार्वजनिक स्वागत समारोह में भाग लिया तथा मेघालय सरकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य की जनता एवं सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की पांच प्रमुख परियोजनाओं—जिनमें शिलांग जल आपूर्ति योजना चरण II (850.58 करोड़ रुपये), दो सड़क संपर्क परियोजनाएं (NESIDS के तहत), शिलांग सिविल अस्पताल में आयुष केंद्र, PM-DevINE के अंतर्गत मावखानू सबस्टेशन तथा नोंगस्टोइन स्थित प्रसूति एवं बाल अस्पताल—की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं से राज्य में जल, सड़क, स्वास्थ्य एवं विद्युत अवसंरचना को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी, जो ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उपराष्ट्रपति ने मेघालय की मातृसत्तात्मक परंपराओं, जीवित जड़ पुलों तथा पर्यावरणीय संतुलन की सराहना करते हुए कहा कि विकास समावेशी एवं टिकाऊ होना चाहिए, जिसमें किसी भी वर्ग को पीछे न छोड़ा जाए।
यह घटना बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें केंद्र-राज्य संबंध, अवसंरचना विकास, वित्तीय आवंटन तथा ‘विकसित भारत 2047’ जैसे विषय शामिल हैं। बैंक पीओ एवं आईबीपीएस परीक्षाओं में प्रशासनिक सुधारों, सरकारी योजनाओं तथा बजटीय आवंटनों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, जबकि एसएससी में केंद्र-राज्य सहयोग एवं राष्ट्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। आरबीआई ग्रेड बी में आर्थिक नीतियों एवं अवसंरचना विकास के वित्तीय पहलुओं पर सवाल उठाए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, उपराष्ट्रपति के भाषण में उल्लिखित धर्मनिरपेक्षता, सद्भाव एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक-राजनीतिक मुद्दे भी परोक्ष रूप से परीक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल होते हैं, जिन
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


1 comment on “उपराष्ट्रपति ने शिलांग में 1,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखी, बताया विकसित भारत का लक्ष्य 2047”