✎ ऊर्जा सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक सुदृढ़ता और रणनीतिक स्वायत्तता के लिए आवश्यक है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने हाल ही में आयोजित छठे अंतर्राष्ट्रीय जलवायु शिखर सम्मेलन 2026 में ऊर्जा सुरक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा, रणनीतिक स्वायत्तता और आर्थिक सुदृढ़ता से जोड़ते हुए कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और अस्थिर ऊर्जा बाजारों के बीच भारत को आत्मनिर्भर, स्वदेशी, किफायती और तकनीकी रूप से उन्नत ऊर्जा क्षेत्र की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने परमाणु ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, जैव ईंधन और चक्रीय अर्थव्यवस्था को भारत के ऊर्जा संक्रमण के प्रमुख स्तंभ बताया तथा 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता और 2033 तक पांच छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर स्थापित करने के लक्ष्यों का उल्लेख किया। इसके साथ ही, उन्होंने निजी क्षेत्र की भूमिका पर बल देते हुए अनुसंधान एवं विकास में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए एक लाख करोड़ रुपये के आरडीआई कोष की घोषणा की, जो सरकारी और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग को मजबूत करेगा।
यह विषय बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता आर्थिक स्थिरता, नीति निर्माण और राष्ट्रीय विकास से सीधे जुड़े होते हैं। बैंकिंग परीक्षाओं में ऊर्जा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता और तकनीकी उन्नति से संबंधित प्रश्न पूंजी बाजार, ऋण नीति और आर्थिक सुधारों के संदर्भ में पूछे जा सकते हैं। एसएससी में राष्ट्रीय सुरक्षा, स्वायत्तता और आर्थिक सुदृढ़ता जैसे विषय सामान्य ज्ञान और करेंट अफेयर्स के अंतर्गत महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं, जबकि आरबीआई ग्रेड बी में नीति निर्माण, तकनीकी नवाचार और आर्थिक विकास के मुद्दों पर प्रश्नों के माध्यम से इसकी प्रासंगिकता स्पष्ट होती है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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