✎ फोर्ट कोच्चि के तटीय प्रदूषण नियंत्रण के लिए एनजीटी ने एलएसजीडी से पूर्ण रिपोर्ट मांगी है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने केरल के फोर्ट कोच्चि में तटीय प्रदूषण पर स्थानीय स्वशासन विभाग (एलएसजीडी) की रिपोर्ट से संतुष्टि व्यक्त नहीं की है। न्यायाधिकरण की दक्षिणी पीठ ने एलएसजीडी द्वारा 16 जुलाई, 2026 को प्रस्तुत की गई कार्यवाही रिपोर्ट को अपूर्ण बताया है, क्योंकि इसमें प्रत्येक संबंधित प्राधिकरण के लिए विशिष्ट कार्य योजना का उल्लेख नहीं किया गया है। साथ ही, जनवरी 2026 में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के अनुसार किए गए कार्यों और लागू किए जा रहे उपायों का विवरण भी इसमें शामिल नहीं है। न्यायाधिकरण ने सचिव, एलएसजीडी को भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों सहित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसमें न्यायिक सदस्य pushpa sathyanarayana और विशेषज्ञ सदस्य prashant gargava शामिल थे।
फोर्ट कोच्चि के तटीय क्षेत्रों में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए एलएसजीडी ने दीर्घकालिक योजना प्रस्तावित की है, जिसमें सतत पर्यटन सिद्धांतों को शामिल किया जाएगा। विभाग ने समुद्री कचरे, शैवाल निक्षेप और मिश्रित मलबे को साफ करने के लिए यांत्रिक और हाथ से चलने वाले सफाई मशीनों को तैनात करने पर विचार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, स्टील के डिब्बे और बोतल बूथों की स्थापना भी पर्यटन स्थलों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में की जा रही है। न्यायाधिकरण ने इससे पहले एलएसजीडी, केरल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एर्नाकुलम जिला कलेक्टर को आधुनिक उपकरणों जैसे सी-बिन्स और उभयचर कचरा निष्कासन प्रणालियों को तैनात करने की संभावना पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। इस मामले में आईआईटी/एनआईटी के विशेषज्ञों और कोचीन पोर्ट ट्रस्ट तथा केरल पर्यटन विकास निगम के अधिकारियों के साथ तकनीकी समन्वय बैठकों का आयोजन किया जाएगा। यह मामला बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें शासन व्यवस्था, पर्यावरणीय नियमन और सार्वजनिक नीति के मुद्द
स्रोत: The Hindu
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