✎ एमएस सुब्बुलक्ष्मी भारतीय शास्त्रीय संगीत की अमर गायिका थीं जिन्होंने भक्ति संगीत को लोकप्रिय बनाया।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: History & Culture
**एमएस सुब्बुलक्ष्मी की 110वीं जन्म जयंती पर श्रद्धांजलि**
तमिलनाडु की महान शास्त्रीय गायिका और भारत रत्न एमएस सुब्बुलक्ष्मी की 110वीं जन्म जयंती पर तिरुपति में उनकी कांस्य प्रतिमा पर संगीत प्रेमियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। यहां उपस्थित संगीत विद्वानों, कलाकारों और विद्यार्थियों ने उनकी प्रतिमा पर मालाएं चढ़ाईं तथा उनके प्रसिद्ध भजन जैसे ‘भज गोविंदम’ और ‘विष्णु सहस्रनामम्’ का गायन किया। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को उनके ‘श्री वेंकटेश्वर सुप्रभातम’ और ‘अन्नमय्या कीर्तनम्’ से मिले करोड़ों रुपए के रॉयल्टी योगदान को भी श्रद्धांजलि सभा में स्मरण किया गया। तिरुपति स्थित ‘रायलसीमा रंगस्थली’ नामक सांस्कृतिक संगठन के अध्यक्ष गुंडाला गोपीनाथ रेड्डी ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके माध्यम से भक्ति संगीत के प्रसार पर प्रकाश डाला।
यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। एमएस सुब्बुलक्ष्मी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था, जो देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल है। उनके जीवन और योगदान से संबंधित प्रश्न भारतीय इतिहास, संस्कृति तथा राष्ट्रीय पुरस्कारों पर केंद्रित परीक्षाओं में पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, उनके द्वारा टीटीडी को दिए गए योगदान जैसे आर्थिक पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जा सकता है, जो सामान्य जागरूकता अनुभाग के लिए उपयोगी है। साथ ही, उनके द्वारा गाए गए प्रसिद्ध भजनों और शास्त्रीय संगीत के संदर्भ में भी परीक्षा में प्रश्न बन सकते हैं, जो भारतीय संस्कृति के विविध आयामों को समझने में सहायक होंगे।
स्रोत: The Hindu
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