✎ एसजीबी योजना में समयपूर्व भुनाई के नियम, मूल्य निर्धारण और महत्व को समझें।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**प्रारंभिक मोचन मूल्य के संदर्भ में सोवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना 2018-19 सीरीज़ VI का महत्व**
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा 11 अगस्त, 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सोवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना के अंतर्गत 2018-19 सीरीज़ VI के निवेशकों को 12 अगस्त, 2026 को प्रारंभिक मोचन का विकल्प मिलेगा। यह मोचन पांचवीं वर्षगाँठ के बाद पहली बार होगा, क्योंकि एसजीबी में प्रारंभिक मोचन पाँच वर्ष पूरे होने के बाद ही संभव है। मोचन मूल्य सोने के 999 शुद्धता वाले क्लोजिंग प्राइस का तीन कार्यदिवसों (7, 10 और 11 अगस्त, 2026) का साधारण औसत होगा, जो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (आईबीजेए) द्वारा प्रकाशित किया जाता है। इस आधार पर मोचन मूल्य ₹15,102 प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है। यह प्रक्रिया सरकारी प्रतिभूतियों के मोचन से मिलती-जुलती है, जहाँ बाजार दरों के आधार पर मूल्य निर्धारण किया जाता है।
यह विषय बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी तथा एसएससी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें सरकारी योजनाओं, वित्तीय साधनों तथा आरबीआई की भूमिका से संबंधित अवधारणाओं को समझना आवश्यक है। विशेष रूप से, एसजीबी जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकार सोने के आयात को नियंत्रित करने के साथ-साथ निवेशकों को सुरक्षित विकल्प प्रदान करती है। परीक्षा में इससे संबंधित प्रश्नों में योजना की विशेषताओं, मोचन प्रक्रिया तथा आरबीआई की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, सोने के मूल्य निर्धारण तथा आईबीजेए के महत्व को भी समझना आवश्यक है, जो वित्तीय साक्षरता का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
स्रोत: RBI
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