
✎ ओडिशा में विवाह रिकॉर्ड में हेराफेरी के माध्यम से कल्याणकारी योजनाओं का दुरुपयोग हुआ, जिसके लिए सिस्टम में सुधार आवश्यक है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
**हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, ओडिशा में लगभग 2,000 विवाह रिकॉर्डों में हेराफेरी कर निर्माण श्रमिक कल्याण योजना के तहत अवैध लाभ उठाने का प्रयास किया गया।** यह मामला ओडिशा बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड द्वारा संचालित निरमन श्रमिक योजना में सामने आया है, जहां विवाह सहायता के लिए पात्रता के नाम पर धोखाधड़ी की गई। ऑडिट रिपोर्ट में बताया गया है कि विवाह प्रमाणपत्रों की तिथियों में हेराफेरी कर ₹6.29 करोड़ की राशि का अवैध वितरण किया गया। इसके अतिरिक्त, कुछ मामलों में विवाह प्रमाणपत्रों के रजिस्ट्रेशन रजिस्टरों में खाली पन्ने रखे गए और प्राप्तकर्ताओं के हस्ताक्षर तक नहीं लिए गए, जिससे योजना की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठे हैं।
**यह मामला बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इससे प्रशासनिक पारदर्शिता, कल्याणकारी योजनाओं के दुरुपयोग और डिजिटल प्रणालियों में कमियों जैसे मुद्दों पर प्रकाश पड़ता है।** बैंकिंग क्षेत्र में जहां सरकारी योजनाओं के माध्यम से ऋण वितरण होता है, वहीं एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं में भी प्रशासनिक सुधारों, ऑडिट प्रणालियों और डिजिटल शासन की भूमिका पर सवाल उठाए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यह मामला नीति निर्माण और लोक वित्त प्रबंधन जैसे विषयों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो इन परीक्षाओं के पाठ्यक्रम में शामिल होते हैं।
स्रोत: The Hindu
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