✎ एनसीईआरटी द्वारा कक्षा 10-12 की पुनरीक्षित पुस्तकों का मिशन मोड में निर्माण, जिसमें एआई एवं एनईपी 2020 के सिद्धांत शामिल होंगे।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मंगलवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के ६६वें स्थापना दिवस पर बताया कि कक्षा १० से १२ तक के संशोधित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों को मिशन मोड में तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे (एनसीएफ) के अनुसार कक्षा १ से ९ की संशोधित पाठ्यपुस्तकों को पहले ही जारी किया जा चुका है, जबकि उच्च माध्यमिक स्तर की इन पुस्तकों को विशेष प्रयासों के साथ तैयार किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि एनसीईआरटी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण और कुशल, सक्षम तथा वैश्विक स्तर पर जिम्मेदार मानव संसाधनों के पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि पिछले दो वर्षों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ने सभी के दैनिक जीवन में प्रवेश कर लिया है और आने वाले समय में इसका उपयोग और भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि पाठ्यपुस्तकों और पाठ्यक्रमों को इन बदलावों के अनुरूप ढालना होगा, ताकि युवा पीढ़ी एआई को आत्मविश्वास और जिम्मेदारी के साथ समझ सके और उसका उपयोग कर सके। एनईपी २०२० के माध्यम से केंद्र सरकार ने इन चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत किया है। इसके अलावा, उन्होंने माता-पिता को भी डिजिटल दुनिया से अवगत कराने और बच्चों का मार्गदर्शन करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि कई देशों में बुजुर्ग आबादी बढ़ रही है, जबकि भारत के पास युवा मानव संसाधन का एक बड़ा भंडार है, जो न केवल देश बल्कि विश्व के लिए भी एक संपत्ति है।
स्रोत: The Indian Express
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