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Demand for special session of Karnataka legislature on caste survey — diagram
कर्नाटक विधानसभा विशेष सत्र मांगमांग उठीविधानसभा मेंविशेष सत्रबुलाने कीजांच रिपोर्टपर चर्चा
कर्नाटक विधानसभा विशेष सत्र मांग

✎ कर्नाटक में जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट पर विशेष सत्र की मांग उठ रही है, जिसका उद्देश्य लोगों तक इसकी जानकारी पहुँचाना और सरकार द्वारा निर्णय लेना है।

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कर्नाटक विधानसभा के विशेष सत्र की मांग जाति सर्वेक्षण पर हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारामैया के कार्यकाल में राज्य के पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा किया गया जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण (जाति जनगणना) विवादास्पद रहा है। कांग्रेस विधायक बी.एस. शिवन्ना ने 23 सितंबर, 2026 को सूखे पर चर्चा के दौरान विधानसभा में कहा कि सरकार को इस सर्वेक्षण रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस सर्वेक्षण पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए हैं, इसलिए इसे ठंडे बस्ते में नहीं डाला जाना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारामैया ने भी कई बार इस रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। इस सर्वेक्षण रिपोर्ट को उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने से ठीक एक दिन पहले प्रस्तुत किया था।

इस मांग का महत्व बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए भी है, क्योंकि सरकारी नीतियों एवं सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षणों का सीधा संबंध शासन व्यवस्था एवं आर्थिक विकास से होता है। बैंकिंग क्षेत्र में आरक्षित वर्गों के लिए विशेष योजनाओं एवं ऋण सुविधाओं के निर्माण में ऐसे सर्वेक्षणों का उपयोग किया जाता है। एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं में भी सरकारी नीतियों, सामाजिक न्याय एवं आर्थिक सर्वेक्षणों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें जाति आधारित सर्वेक्षण जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

स्रोत: The Hindu


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