
✎ कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पश्चिमी घाट संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है किंतु किसानों पर इसके प्रभाव को लेकर विवाद बना हुआ है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
कर्नाटक सरकार ने कस्तूरिरंगन रिपोर्ट के कार्यान्वयन का विरोध किया है। राज्य के मंत्री मधु बंगारप्पा ने कहा कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार 19 सितंबर को शिवमोग्गा जिले का दौरा करेंगे, जहां 484 “पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील” गांव हैं, ताकि किसानों और जनता से राय ली जा सके। राज्य सरकार का मानना है कि इस रिपोर्ट से किसानों और मालनाड क्षेत्र के निवासियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। कस्तूरिरंगन रिपोर्ट पश्चिमी घाट के 20,668 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले 1,576 गांवों को पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ईएसए) के रूप में चिह्नित करती है, जिसमें 484 गांव अकेले शिवमोग्गा में हैं। केंद्र सरकार द्वारा ईएसए के रूप में अधिसूचित किए जाने से किसानों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इसमें खनन, उत्खनन और लाल श्रेणी के उद्योगों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है, हालांकि कृषि और दैनिक आजीविका पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने की बात कही गई है।
यह मुद्दा बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। बैंकिंग क्षेत्र में, ईएसए जैसी पर्यावरणीय नीतियां कृषि ऋण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव डाल सकती हैं, जिससे ऋण वसूली और किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। एसएससी परीक्षाओं में, पश्चिमी घाट के संरक्षण और किसानों के अधिकारों के बीच संतुलन जैसे विषय पर्यावरणीय शासन और नीति निर्माण के संदर्भ में पूछे जा सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी में, ऐसी नीतियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र के विकास पर पड़ने वाले प्रभावों के विश्लेषण के रूप में प्रासंगिक हो सकती हैं।
स्रोत: The Indian Express
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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