✎ विदेशी चंदे के नियमन में संशोधन के लिए प्रस्तावित विधेयक का विरोध किया जा रहा है ताकि 2023 जैसी स्थिति दोबारा न आए।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
कांग्रेस ने एफसीआरए संशोधन विधेयक का पुरजोर विरोध करने की घोषणा की है और सरकार को चेतावनी दी है कि वह दिसंबर 2023 की उस घटना को दोहराने की कोशिश न करे, जब विपक्ष के 146 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था। कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि अगर सरकार यह सोच रही है कि मानसून सत्र के बचे हुए दिनों में वह विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक को बिना किसी रोक-टोक के पार कर लेगी, तो उसे यह सोच छोड़ देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक अल्पसंख्यकों और एनजीओ को निशाना बनाने के लिए लाया जा रहा है। वेणुगोपाल ने आरएसएस से जुड़े संगठनों द्वारा विदेशी चंदे के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाया। इसके साथ ही, उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने वाले राज्यों को दंडित करने वाले परिसीमन विधेयक का भी विरोध किया।
इस विधेयक के राजनीतिक महत्व को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि एफसीआरए विदेशी चंदे को नियंत्रित करने वाला कानून है, जिसका सीधा संबंध देश की आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता से है। बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि विदेशी चंदे के माध्यम से मिलने वाले धन का उपयोग एनबीएफसी, लघु वित्त बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों की कार्यप्रणाली पर असर डाल सकता है। एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में भी इस तरह के विधायी मुद्दों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, जहां सरकार के नीति निर्माण और उसके प्रभावों पर सवाल उठाए जाते हैं।
स्रोत: The Hindu
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