✎ मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं भारतीय रेल की दक्षता बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में पांच मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जो तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के 17 जिलों में फैली हुई हैं। इन परियोजनाओं से भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 540 किलोमीटर की वृद्धि होगी, जिसकी कुल अनुमानित लागत 10,021 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य बहु-मार्गीय संपर्क और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है। इनके माध्यम से आवागमन में सुधार होगा, जिससे भारतीय रेल की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त, इन परियोजनाओं से लगभग 2,121 गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिनकी आबादी लगभग 52 लाख है, और इससे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा।
इन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। इन परियोजनाओं से माल ढुलाई क्षमता में प्रति वर्ष 47 मिलियन टन की वृद्धि होगी, जो लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में सुधार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी। इसके अलावा, रेलवे द्वारा अपनाई गई पर्यावरण अनुकूल नीतियां जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होंगी, जो आरबीआई ग्रेड बी के पर्यावरण और सतत विकास से संबंधित प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है। बैंक पीओ और एसएससी परीक्षाओं में भी इस तरह के सरकारी पहलों के आर्थिक और सामाजिक प्रभावों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जिससे उम्मीदवारों को इन परियोजनाओं के बहुआयामी लाभों को समझना आवश्यक है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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