
✎ केरल में पुनर्जनी योजना के तहत विदेशी चंदे के गलत इस्तेमाल के आरोप पर कानूनी जांच चल रही है, जिसमें मनप्पत फाउंडेशन और वीडी सत्यन शामिल हैं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**पुनर्जनी योजना के प्रवर्तकों मनप्पत फाउंडेशन पर केरल में विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) उल्लंघन के आरोप में कानूनी जांच**
केरल सरकार द्वारा प्रवर्तित पुनर्जनी योजना के तहत विदेशी चंदे की व्यवस्था करने वाले मनप्पत फाउंडेशन पर विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के नियम 19 का उल्लंघन करने के आरोप में कानूनी जांच का सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025 में केरल सरकार को भेजी गई राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि फाउंडेशन ने विदेशी चंदे के रिकॉर्ड तथा उनके उपयोग का विवरण रखने में विफलता दिखाई है। वीएसीबी ने फाउंडेशन के अध्यक्ष आमेर अहमद के खिलाफ 1.22 करोड़ रुपये की संदिग्ध लेन-देन के आधार पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की सिफारिश भी की है। इसके अतिरिक्त, यदि यह उल्लंघन सार्वजनिक पदाधिकारियों द्वारा किया जाता है, तो इसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसीए) के तहत अपराध माना जा सकता है। इस मामले में राज्य सरकार कानूनी राय ले रही है कि क्या यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अथवा बेनी संपत्ति अधिनियम के दायरे में आता है।
इस मामले का राजनीतिक पक्ष भी गहरा है, जहां विपक्षी कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है, जबकि सीपीआई(एम) ने इसे राज्य सरकार द्वारा राजनीतिक हथियार बनाने की संभावना व्यक्त की है। मनप्पत फाउंडेशन के अध्यक्ष आमेर अहमद ने सीबीआई जांच का स्वागत किया है तथा दावा किया है कि फाउंडेशन ने सभी आवश्यक रिकॉर्ड प्रस्तुत किए हैं। वहीं, विपक्ष के नेता वी.डी. सत्यन ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से धन का संचालन नहीं करना था। यह मामला एफसीआरए के उल्लंघन तथा सार्वजनिक पदाधिकारियों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं कानूनी
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

