✎ केरल में पॉक्सो मामलों में वृद्धि कानूनी साक्षरता एवं जागरूकता के कारण है, न कि केवल अपराध में बढ़ोतरी।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
**POCSO मामलों में वृद्धि के पीछे बेहतर रिपोर्टिंग और जागरूकता**
केरल राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 के अनुसार, राज्य में Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्ष 2024 में 4,607 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में बढ़कर 4,765 हो गए। हालांकि, यह वृद्धि केवल अपराधों में बढ़ोतरी नहीं दर्शाती, बल्कि कानूनी साक्षरता, जागरूकता अभियानों और पीड़ितों द्वारा रिपोर्टिंग में कमी के कारण बेहतर रिपोर्टिंग भी है। तिरुवनंतपुरम जिले में सबसे अधिक 689 मामले दर्ज हुए, जबकि कोल्लम, मालापुरम और कोझिकोड में भी बड़ी संख्या में मामले सामने आए। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरीकरण, जनसंख्या घनत्व और बेहतर रिपोर्टिंग तंत्र के कारण कुछ जिलों में मामले अधिक सामने आ रहे हैं।
**बैंकिंग और प्रशासनिक परीक्षाओं के लिए प्रासंगिकता**
POCSO मामलों में वृद्धि सामाजिक सुरक्षा और कानूनी ढांचे की मजबूती से जुड़ा मुद्दा है, जो बैंकिंग, SSC और RBI ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। बैंकिंग क्षेत्र में, ग्राहकों की सुरक्षा और डिजिटल लेन-देन में बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम के लिए वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। SSC परीक्षाओं में, बाल अधिकार संरक्षण से संबंधित कानूनों, जैसे POCSO अधिनियम, और उनके कार्यान्वयन पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। RBI ग्रेड बी में, सामाजिक मुद्दों और सरकारी नीतियों के आर्थिक प्रभावों पर विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण अपेक्षित होता है, जहां इस तरह के मामलों की रिपोर्टिंग प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर चर्चा की जा सकती है।
स्रोत: The Hindu
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