✎ केरल सरकार की 'प्रियदर्शिनी निशुल्क यात्रा योजना' महिला एवं ट्रांसजेंडर के लिए निशुल्क बस यात्रा प्रदान करती है, जिसने 100 दिन पूरे कर लिए हैं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**पॉलिटी और शासन पर महत्वपूर्ण पहल: केरल की ‘प्रियदर्शिनी निशुल्क यात्रा योजना’ के 100 दिन पूरे**
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार द्वारा 15 जून 2026 को शुरू की गई ‘प्रियदर्शिनी निशुल्क यात्रा योजना’ ने 100 दिन पूरे कर लिए हैं। इस योजना के तहत राज्य परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को निशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की जाती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस योजना के तहत 12.62 करोड़ निशुल्क यात्राएं हुई हैं, जिससे केएसआरटीसी पर लगभग 267 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा है। राज्य सरकार ने इस बोझ को पूरा करने के लिए नियमित अंतराल पर वित्तीय सहायता देने का आश्वासन दिया है। योजना की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पहली सप्ताह में प्रतिदिन 11.08 लाख यात्राएं हुई थीं, जो 13वें सप्ताह में बढ़कर 13.93 लाख हो गईं, यानी 25.7% की वृद्धि हुई। इसी तरह, टिकट मूल्य भी 2.36 करोड़ रुपये से बढ़कर 2.95 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाना और सार्वजनिक परिवहन तक उनकी पहुंच को सुनिश्चित करना है।
इस योजना के चलते निजी बस ऑपरेटरों पर संकट गहरा गया है, क्योंकि उनके लगभग 700 बसें बंद हो चुकी हैं और शेष 11,000 बसों में से आधे से अधिक बसें कम सेवा दे रही हैं। निजी ऑपरेटरों का आरोप है कि ‘प्रियदर्शिनी योजना’ के कारण उनके राजस्व में भारी कमी आई है, जिससे कर्मचारियों को वेतन देने में भी कठिनाई हो रही है। उन्होंने राज्य सरकार से बस किराए में वृद्धि और छात्रों के लिए रियायत दरों में बढ़ोतरी की मांग की है। परिवहन मंत्री सी.पी. जॉन के बयानों पर भी विवाद उठा है, जिसमें उन्होंने य
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


1 comment on “केरल सरकार की ‘प्रियदर्शिनी’ योजना के 100 दिन: महिला यात्रियों को मुफ्त यात्रा का लाभ”