✎ पीएम श्री योजना केरल में राजनीतिक विवाद का विषय बन गई है, जिसे सीएम को स्पष्ट करना चाहिए।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
केरल के मुख्यमंत्री को पीएम श्री योजना पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए: भाजपा
भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पी. के. कृष्णदास ने मांग की है कि केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सत्यन को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद पीएम श्री योजना पर अपने मंत्री के. एम. शाजी के उस बयान को स्पष्ट करना चाहिए जिसमें उन्होंने कहा था कि इस योजना को “नाले में बहा दिया जाना चाहिए”। बुधवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि शाजी के बयान के दो दिन बीत जाने के बाद भी मुख्यमंत्री चुप्पी साधे हुए हैं। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या यूडीएफ पीएम श्री को शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति के अवसर के रूप में देखता है अथवा इसे “नाले में बहा देने” जैसा कुछ। पीएम श्री योजना का उद्देश्य विज्ञान और तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों में शैक्षणिक उत्कृष्टता लाना है। यदि वास्तव में इस योजना को “नाले में बहा दिया जाता है” तो केरल के निर्धन वर्ग के हजारों विद्यार्थियों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के माध्यम से राज्य के विद्यार्थियों को मिलने वाले अवसरों को राजनीतिक हितों के नाम पर नहीं रोका जाना चाहिए। सत्यन की चुप्पी इस आरोप को और बल देती है कि यूडीएफ की नीतियां भारतीय संघ मुस्लिम लीग और जमात-ए-इस्लामी द्वारा तय की जाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रगान “वंदे मातरम” का अपमान भी आईयूएमएल और जमात-ए-इस्लामी की धार्मिक और विभाजनकारी एजेंडे का हिस्सा है। कांग्रेस और यूडीएफ आईयूएमएल और जमात-ए-इस्लामी के धार्मिक और सांप्रदायिक विभाजनकारी एजेंडे के इतने अधीन हैं कि राज्य सरकार ने संसद द्वारा पारित एक अधिनियम का भी उल्लंघन करने में कोई संकोच नहीं किया। कृष्णदास ने आगे कहा कि कालडी संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में एसएफआई कार्यकर्ताओं द्वारा महिला कुलपति पर की गई शारीरिक हिंसा ने केरल
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

