
✎ कोयला गैसीकरण योजना से ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और आयात प्रतिस्थापन को बढ़ावा मिलेगा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
भारत सरकार के कोयला मंत्रालय द्वारा शुरू की गई सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने की योजना के पहले चरण में बड़ी संख्या में उद्योगों और सार्वजनिक उपक्रमों ने भाग लिया है। इस योजना के तहत 37,500 करोड़ रुपये के बजट वाले पहले चरण में सात आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें अदानी एंटरप्राइजेज, एनटीपीसी, तालचर फर्टिलाइजर्स, गैलेंट इस्पात और श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड जैसी प्रमुख कंपनियाँ शामिल हैं। यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, आयात प्रतिस्थापन को बढ़ावा देने और औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह योजना न केवल घरेलू कोयले और लिग्नाइट का उपयोग बढ़ाएगी, बल्कि इससे देश को 2030 तक 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण क्षमता प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी।
इस पहल का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। बैंकिंग क्षेत्र के लिए यह सरकारी योजनाओं और सार्वजनिक उपक्रमों की भागीदारी के माध्यम से आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण को समझने का एक अच्छा उदाहरण है। एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्नों के माध्यम से सरकारी नीतियों, ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास जैसे विषयों पर ज्ञान की परख की जाती है। इस प्रकार, यह योजना न केवल ऊर्जा क्षेत्र में बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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