✎ झारखंड में 1.60 लाख करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित होने से राज्य की वित्तीय जवाबदेही और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे हैं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
**सीएजी की रिपोर्ट में झारखंड सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर उठे गंभीर सवालों का खुलासा हुआ है। राज्य में 31 मार्च 2025 तक लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपये की सरकारी राशि के उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित पड़े हैं, जिससे सरकारी खर्च की निगरानी और वित्तीय जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं। सीएजी ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि नियमों के अनुसार, सरकारी योजनाओं या कार्यों के लिए जारी राशि खर्च होने के बाद संबंधित विभागों को उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है। हालांकि, इतनी बड़ी राशि के प्रमाण पत्र लंबित रहने से पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन पर असर पड़ रहा है। इसके अलावा, 4,531 करोड़ रुपये की अग्रिम निकासी के खर्च का विवरण भी उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे डीसी बिल से जुड़े वित्तीय अनुशासन पर भी सवाल खड़े होते हैं।**
**यह मुद्दा बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहद प्रासंगिक है। सरकारी वित्तीय प्रबंधन, सीएजी की भूमिका, उपयोगिता प्रमाण पत्र, डीसी बिल और आर्थिक जवाबदेही जैसे विषय परीक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल होते हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य की अर्थव्यवस्था, जीएसडीपी वृद्धि और राजस्व में हुई बढ़ोतरी जैसे आंकड़े भी सामान्य ज्ञान और करेंट अफेयर्स के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। ऐसे मामलों से सरकारी नीतियों, वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जिससे उम्मीदवारों को इसकी तैयारी करनी चाहिए।**
स्रोत: amarujala.com
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