प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा 24 जुलाई, 2026 को जारी ‘टेलीविज़न रेटिंग नीति, 2026’ का उद्देश्य टीवी दर्शक मापन प्रणाली में पारदर्शिता, स्वतंत्रता और जवाबदेही को सुदृढ़ बनाना है। इस नीति के प्रमुख प्रावधानों में टीवी रेटिंग एजेंसियों के लिए न्यूनतम नेटवर्थ आवश्यकता को 20 करोड़ रुपये से घटाकर 5 करोड़ रुपये करना, मीटर लगे घरों की संख्या 50,000 से बढ़ाकर 80,000 करना तथा हर तीन साल में ‘एस्टैब्लिशमेंट सर्वे’ कराना शामिल है। इसके अतिरिक्त, नीति में स्वतंत्र ऑडिट, क्रॉस-होल्डिंग पर प्रतिबंध, बोर्ड में कम से कम 33 प्रतिशत स्वतंत्र निदेशकों की अनिवार्यता तथा नियमों के उल्लंघन पर विभिन्न स्तरों के दंड का प्रावधान किया गया है। यह नीति 16 जनवरी, 2014 के पूर्ववर्ती दिशानिर्देशों की जगह लेगी और टेलीविज़न रेटिंग सेवाओं को विनियमित करने के लिए व्यापक मानक तय करेगी।
यह नीति बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें शासन व्यवस्था, पारदर्शिता एवं जवाबदेही जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। उदाहरण के लिए, नीति में शामिल ‘स्वतंत्र ऑडिट’ और ‘क्रॉस-होल्डिंग पर रोक’ जैसे प्रावधान शासन के सिद्धांतों तथा नियामक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इसी प्रकार, मीटर लगे घरों की संख्या बढ़ाकर सैंपल साइज़ में वृद्धि करना तथा तकनीक-न्यूट्रल दर्शक मापन जैसे उपाय डेटा की विश्वसनीयता बढ़ाने में सहायक होंगे, जो नीति निर्माण एवं कार्यान्वयन के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण हैं। इस प्रकार, यह नीति न केवल मीडिया विनियमन के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है, बल्कि प्रशासनिक सुधारों एवं पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए भी एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करती है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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