Notified AmountCompetitive BidsCut-off PriceCompetitive Bids AcceptedPartial Allotment PercentageWeighted Average Yield✎ ट्रेजरी बिल्स केंद्र सरकार के अल्पकालिक ऋण का प्रमुख साधन हैं, जिसकी नीलामी आरबीआई द्वारा तरलता और बाजार स्थिरता के लिए की जाती है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 19 अगस्त, 2026 को आयोजित Tresury Bills (T-Bills) की नीलामी के परिणाम सार्वजनिक किए गए। इसमें 91-दिवसीय, 182-दिवसीय तथा 364-दिवसीय T-Bills के लिए क्रमशः 9,000 करोड़ रुपये, 8,000 करोड़ रुपये तथा 7,000 करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि के विरुद्ध प्रतिस्पर्धी और गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियों का विवरण दिया गया। प्रतिस्पर्धी बोलियों में 91-दिवसीय T-Bills का कट-ऑफ मूल्य 98.7055 रुपये (YTM 5.2603%) रहा, जबकि 182-दिवसीय तथा 364-दिवसीय T-Bills के लिए क्रमशः 97.2987 रुपये (YTM 5.5678%) तथा 94.5881 रुपये (YTM 5.7373%) रहे। गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियों में भी अधिकांश बोली स्वीकार की गई, जिसमें 91-दिवसीय T-Bills के लिए 10,432.83 करोड़ रुपये की राशि स्वीकार की गई। इस नीलामी के माध्यम से सरकार को अल्पकालिक पूंजी जुटाने में सहायता मिलेगी, जो राजकोषीय घाटे के प्रबंधन तथा तरलता संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस परिणाम का बैंकिंग, SSC तथा RBI ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है। बैंकिंग परीक्षाओं में T-Bills सरकारी प्रतिभूतियों के प्रमुख घटक के रूप में पूछे जाते हैं, जिनके माध्यम से सरकार अल्पावधि ऋण जुटाती है। SSC परीक्षाओं में भी अर्थव्यवस्था एवं वित्तीय प्रणाली से संबंधित प्रश्नों में T-Bills का उल्लेख किया जाता है, जो सरकारी वित्तीय नीतियों के अध्ययन का अभिन्न अंग है। RBI ग्रेड बी परीक्षाओं में मौद्रिक नीति एवं सरकारी प्रतिभूतियों के बाजार संबंधी प्रश्नों में इस नीलामी के परिणामों का विश्लेषण किया जा सकता है, जिससे उम्मीदवारों को वर्तमान आर्थिक परिदृश्य की समझ विकसित करने में मदद मिलती है।
स्रोत: RBI
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