प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने राष्ट्रव्यापी ‘डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान-5’ के माध्यम से पेंशनभोगियों का डिजिटल सशक्तिकरण तेज़ किया है। इस अभियान के तहत, 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के सहयोग से एक विशाल शिविर का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य तकनीक-आधारित, सुलभ और पेंशनभोगी-अनुकूल सेवाओं के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) जमा करने की प्रक्रिया को आसान बनाना था। डीओपीपीडब्ल्यू की सचिव सुश्री निवेदिता शुक्ला वर्मा ने बताया कि फेस ऑथेंटिकेशन जैसी तकनीकी प्रगति ने पेंशनभोगियों को बैंकों या कार्यालयों में जाए बिना अपने स्मार्टफोन से डीएलसी बनाने में सक्षम बनाया है। एसबीआई इस पहल में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, जिसने पिछले अभियान में लगभग 25 लाख डीएलसी बनवाने में सहायता की थी और मौजूदा अभियान में 115 शहरों में विशेष डीएलसी शिविर आयोजित कर रहा है, जिसका लक्ष्य दो करोड़ से अधिक डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जारी करना है।
बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सरकार की डिजिटल इंडिया पहल और वित्तीय समावेशन के प्रयासों को दर्शाती है। यह बैंकों, विशेषकर एसबीआई की भूमिका को उजागर करता है, जो पेंशनभोगियों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने और पेंशन वितरण प्रणाली को अधिक सुलभ, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण है। उम्मीदवारों को सरकारी योजनाओं, डिजिटल सशक्तिकरण के महत्व और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सामाजिक जिम्मेदारी से संबंधित प्रश्नों के लिए तैयार रहना चाहिए, जिसमें तकनीकी प्रगति जैसे फेस ऑथेंटिकेशन और उनके सामाजिक प्रभाव पर भी ध्यान दिया जाए।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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