✎ वन्यजीव तस्करी रोकने के लिए डीआरआई के अभियानों से टोके गेको जैसे लुप्तप्राय जीवों का संरक्षण सुनिश्चित होता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
डीआरआई (नarcotics नियंत्रण ब्यूरो) द्वारा वन्यजीव तस्करी विरोधी अभियान के तहत असम के मारियानी में 22 सितंबर 2026 को एक बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें 86 जीवित टोके गेको जब्त किए गए और दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। यह घटना वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I और सीआईटीईएस के अनुलग्नक-II में सूचीबद्ध लुप्तप्राय प्रजाति के संरक्षण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन जीवों का अवैध व्यापार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित है। डीआरआई द्वारा प्राप्त खुफिया जानकारी के आधार पर की गई इस कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि वन्यजीव तस्करी के खिलाफ केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियानों में निरंतरता और प्रभावशीलता बनी हुई है, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जैव विविधता संरक्षण को बल मिल रहा है।
यह घटना बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें वन्यजीव संरक्षण कानूनों, सीआईटीईएस समझौते और डीआरआई जैसे प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका का उल्लेख है। बैंकिंग परीक्षाओं में जहां आर्थिक अपराध और प्रवर्तन तंत्र के सवाल पूछे जाते हैं, वहीं एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी में पर्यावरणीय कानूनों, अंतरराष्ट्रीय संधियों और सरकारी नीतियों से संबंधित प्रश्नों के लिए यह उदाहरण उपयोगी साबित हो सकता है। इसके अतिरिक्त, यह घटना वैश्विक स्तर पर जैव विविधता संरक्षण और अवैध व्यापार के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है, जो समसामयिक मामलों की तैयारी में सहायक सिद्ध होगी।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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