✎ तेलंगाना सरकार डीजल-पेट्रोल ऑटो को ई-अटो में बदलने के लिए ₹1.50 लाख तक सब्सिडी दे रही है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
टेलंगाना सरकार ने अपने राज्य में प्रदूषण को कम करने और टिकाऊ परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित ‘तेलंगाना ऑटो रिक्शा इलेक्ट्रिक रूपांतरण योजना 2026’ के तहत लगभग 18,766 पेट्रोल और डीजल ऑटो रिक्शा को इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में बदलने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के अंतर्गत पात्र ऑटो रिक्शा मालिकों को ₹1.50 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिसमें या तो उनके मौजूदा ऑटो रिक्शा में एआईएस-123 अनुमोदित इलेक्ट्रिक किट लगाकर रूपांतरण शामिल है, या फिर नए इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा की खरीद। यह योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान देगी, बल्कि ईंधन की बढ़ती लागत से ऑटो रिक्शा चालकों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को भी कम करेगी। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित ₹200 करोड़ की इस योजना का उद्देश्य हैदराबाद जैसे शहरों में शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन की ओर बढ़ना और स्वच्छ हवा सुनिश्चित करना है।
इस योजना का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी अत्यंत प्रासंगिक है। बैंकिंग परीक्षाओं में इस प्रकार की सरकारी योजनाओं से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, जैसे सब्सिडी की राशि, लक्ष्य प्राप्ति के तरीके, और योजना के वित्तपोषण के स्रोत। इसके अलावा, एसएससी परीक्षाओं में पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा और शहरी विकास जैसे विषयों पर आधारित प्रश्नों के लिए यह योजना एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकती है। आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में भी सरकारी नीतियों और उनके आर्थिक प्रभावों पर प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसमें इस योजना के माध्यम से सरकार द्वारा किए जा रहे निवेश और सब्सिडी के माध्यम से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण किया जा सकता है। इस प्रकार, यह योजना न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण
स्रोत: The Hindu
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