✎ नासा और इसरो के बीच बढ़ता अंतरिक्ष सहयोग भारत के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Science & Technology
नासा के वरिष्ठ अधिकारी अमित क्षत्रिय ने हाल ही में कहा कि नासा इसरो के साथ पहले से ही “अद्भुत” सहयोग कर रहा है और भविष्य में और अधिक सहयोग की आशा करता है। उन्होंने पीटीआई को दिए एक विशेष साक्षात्कार में बताया कि इसरो द्वारा विकसित की जा रही क्षमताएं, चाहे वैज्ञानिक मिशनों में हों या मानव अंतरिक्ष उड़ानों में, बेहद प्रभावशाली हैं। उन्होंने नासर (नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार) जैसे संयुक्त प्रयासों का उदाहरण देते हुए कहा कि यह पृथ्वी के भूमि, बर्फ, जल और वनस्पति में होने वाले परिवर्तनों को मापने और समझने के उद्देश्य से 2025 में लॉन्च किया गया था। क्षत्रिय ने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि अमेरिका न केवल तकनीकी नेतृत्व चाहता है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और मानकों के आधार पर अंतरिक्ष अन्वेषण में अग्रणी भूमिका निभाना चाहता है। उन्होंने इसरो के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रमों में नासा द्वारा साझा किए जाने वाले अनुभवों का भी उल्लेख किया।
इसरो और नासा के बीच बढ़ते सहयोग का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में भारत की बढ़ती भूमिका, जैसे कि चंद्रयान-3 और गगनयान मिशन, राष्ट्रीय विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, इसरो और नासा के बीच संयुक्त परियोजनाएं, जैसे निसार, अंतरिक्ष अनुसंधान में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी उन्नति को दर्शाती हैं, जो आर्थिक विकास और सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। इन मुद्दों से संबंधित प्रश्न परीक्षाओं में करंट अफेयर्स अनुभाग के तहत पूछे जा सकते हैं, जिससे उम्मीदवारों को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के बारे में अपडेट रहने की आवश्यकता है।
स्रोत: orissapost.com
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


1 comment on “नासा-इसरो के बढ़ते सहयोग से अंतरिक्ष में नई संभावनाएं: वरिष्ठ अधिकारी”