मानचित्र व माइंड-मैप: NIPUN Bharat Mission and FLN
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
निपुण भारत मिशन (एनबीएम) का शुभारंभ 5 जुलाई, 2021 को शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा किया गया था, जिसका उद्देश्य देश के प्रत्येक बच्चे को कक्षा 2 के अंत तक मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) प्रदान करना है। यह मिशन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है और समग्र शिक्षा योजना के तत्वावधान में लागू किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 3-6 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों को विद्यालयी व्यवस्था में शामिल किया गया है, जिससे उनकी पूर्व-साक्षरता, पूर्व-संख्यात्मकता तथा संज्ञानात्मक कौशलों का विकास सुनिश्चित किया जा सके। इसके लिए ‘विद्या प्रवेश’, ‘जादुई पिटारा’ और ‘ई-जादुई पिटारा’ जैसे खेल-आधारित कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, जिनसे 5 करोड़ से अधिक बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों के सतत् व्यावसायिक विकास के लिए ‘दीक्षा’ प्लेटफॉर्म पर निष्ठा एफएलएन कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसमें 133 भाषाओं में सामग्री उपलब्ध है।
निपुण भारत मिशन का महत्व बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इससे देश की मानव पूंजी के कौशल विकास में सुधार होता है, जो आर्थिक विकास का आधार है। मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता में सुधार से नागरिकों की उत्पादकता बढ़ती है, जिससे बैंकिंग क्षेत्र में ग्राहकों की सेवा गुणवत्ता में वृद्धि होती है। इसके अतिरिक्त, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी साक्षरता आवश्यक है, जो आरबीआई ग्रेड बी जैसे परीक्षाओं में प्रश्नों का आधार बन सकती है। इसके अलावा, शिक्षा क्षेत्र में सरकारी पहलों का ज्ञान प्रतियोगी परीक्षाओं में सामान्य जागरूकता अनुभाग में भी सहायक सिद्ध हो सकता है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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