✎ पीएसीटी एवं जेडईटी मार्केटप्लेस के माध्यम से शून्य-उत्सर्जन माल ढुलाई को बढ़ावा देने हेतु नीति आयोग की पहल महत्वपूर्ण कदम है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
नीति आयोग द्वारा ई-फास्ट इंडिया पहल के अंतर्गत शुरू किए गए ‘पीएसीटी’ (पीयर-टू-पीयर एक्शन फॉर क्लीन ट्रांसपोर्ट) और ज़ेडईटी मार्केटप्लेस का उद्देश्य भारत में शून्य-उत्सर्जन माल ढुलाई को बढ़ावा देना है। पीएसीटी देश भर के माल ढुलाई इकोसिस्टम के हितधारकों—जैसे शिपर्स, लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता, वाहन निर्माता, फाइनेंसर, चार्जिंग प्वाइंट ऑपरेटर आदि—को एक मंच पर लाकर शून्य-उत्सर्जन ट्रकों के लिए व्यावसायिक आधार तैयार करेगा। इसके साथ ही, ज़ेडईटी मार्केटप्लेस ई-ट्रक निर्माताओं, एलएसपी, सीपीओ, वित्तदाताओं और तकनीकी कंपनियों को जोड़कर व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा देगा। नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने इस पहल को देश में स्वच्छ परिवहन के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। वहीं, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने इलेक्ट्रिक माल ढुलाई के लिए लॉजिस्टिक्स संचालन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार जैसे बैटरी निगरानी प्रणाली पर जोर दिया है, जिससे निवेश आकर्षित हो सके।
इस पहल का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। बैंकिंग क्षेत्र में, पीएसीटी और ज़ेडईटी मार्केटप्लेस जैसे प्लेटफॉर्म वित्तपोषण और निवेश के नए अवसर पैदा करेंगे, जिससे हरित वित्तपोषण (ग्रीन फाइनेंस) और टिकाऊ विकास लक्ष्यों (एसडीजी) से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। एसएससी परीक्षाओं में, शून्य-उत्सर्जन माल ढुलाई, नीति आयोग की भूमिका और सरकार की पहलों जैसे विषय सामान्य ज्ञान अनुभाग में शामिल हो सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी के लिए, यह विषय मुद्रास्फीति नियंत्रण, ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे आर्थिक एवं सामाजिक मुद्दों से
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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