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संसद प्रश्न: परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं — concept mind map
भारत परमाणु रिएक्टरआईपीएचडब्ल्यूआर700 मेगावाटराजस्थानएलडब्ल्यूआर1000 मेगावाटतमिलनाडुपीएफबीआर500 मेगावाटकल्पक्कमजीएचएवीपी700 मेगावाटहरियाणाकाइगा-5700 मेगावाटकर्नाटक
भारत परमाणु रिएक्टर

✎ परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं ऊर्जा सुरक्षा एवं स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने के साथ ही निर्माण में देरी जैसी चुनौतियों का भी सामना कर रही हैं।

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा संसद में प्रस्तुत आँकड़ों के अनुसार, देश में विभिन्न परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं का निर्माण कार्य विभिन्न चरणों में चल रहा है। इनमें देरी के प्रमुख कारणों में फुकुशिमा दुर्घटना के बाद किए गए डिजाइन परिवर्तन, कोविड-19 महामारी, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान, भू-राजनीतिक संघर्षों का प्रभाव और कठिन भू-स्थल शामिल हैं। इन चुनौतियों के बावजूद, सरकार ने परियोजनाओं की समयबद्ध पूर्ति के लिए कई उपाय अपनाए हैं, जैसे आवधिक समीक्षा, विक्रेताओं के साथ नियमित बैठकें, लंबी अवधि के उपकरणों का थोक ऑर्डर और परियोजना निगरानी के लिए विशेष समितियों का गठन। इन प्रयासों से राष्ट्रीय ग्रिड में लगभग 8,000 मेगावाट की अतिरिक्त क्षमता जोड़ने की उम्मीद है।

इस संदर्भ में, परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। इन परियोजनाओं के माध्यम से सरकार ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ नवीन तकनीकों को अपनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके अतिरिक्त, इन परियोजनाओं में निवेश और वित्तीय प्रवाह से अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ-साथ रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। इन पहलुओं को ध्यान में रखते हुए, परीक्षार्थियों को इन परियोजनाओं के तकनीकी, आर्थिक और सामरिक पहलुओं का अध्ययन करना चाहिए।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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