प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
पीएम-अजय ‘आदर्श ग्राम’ योजना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा अनुसूचित जाति बहुल गांवों में समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। इस योजना के तहत अब तक 18,093 गांवों को ‘आदर्श ग्राम’ के रूप में विकसित किया जा चुका है, जिससे 47.79 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिल रहा है। योजना के तीन प्रमुख घटकों में अनुसूचित जाति बहुल गांवों का विकास, राज्य-जिला स्तर पर सामाजिक-आर्थिक परियोजनाओं के लिए अनुदान सहायता और छात्रावास निर्माण शामिल हैं। सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक राज्यों को लगभग 1,730 करोड़ रुपये की सीधी सहायता जारी की है, जिससे 2.5 लाख से अधिक व्यक्तियों को कौशल विकास और आजीविका के अवसर प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त, 785 छात्रावासों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि दो नए छात्रावासों के लिए 61.46 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिनमें 264 छात्रों के रहने की व्यवस्था होगी।
इस योजना का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से अत्यधिक प्रासंगिक है। यह योजना अनुसूचित जाति समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण पर केंद्रित है, जो सरकारी योजनाओं, कल्याणकारी नीतियों और ग्रामीण विकास से संबंधित प्रश्नों में सहायक सिद्ध होगी। इसके अलावा, तकनीक-आधारित शासन प्रणाली (पीएम-अजय मोबाइल ऐप और पोर्टल) और डिजिटल निगरानी व्यवस्था जैसी नवाचारात्मक पहलें भी परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह योजना ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी सहायक है, जो राष्ट्रीय विकास और समावेशिता से जुड़े विषयों के लिए प्रासंगिक है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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