plutusacademy
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत शामिल जोखिम और आपदाएं — concept mind map

✎ PMFBY 2016 से किसानों को गैर-निवारणीय आपदाओं से फसल बीमा प्रदान करती है, जिसमें अब जंगली जानवरों और जलभराव को भी शामिल किया गया है।

PMFBY risks & coveragesPre-sowingNon-preventable disastersCoveredGrowth phaseNatural calamitiesCoveredPost-harvestNatural calamitiesCoveredWildlife damagePreventable lossAdd-on coverWaterloggingAll notified cropsCoveredHydrophilic cropsExcludedRice, jute, mesta, sugarcane
PMFBY risks & coverages

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करने वाली एक महत्वपूर्ण सरकारी योजना है, जिसे 2016-17 से लागू किया गया है। यह योजना राज्य सरकारों द्वारा अधिसूचित फसलों और क्षेत्रों के लिए बुआई पूर्व से लेकर फसलोपरांत तक गैर-निवारणीय प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान को कवर करती है। शुरू में जंगली जानवरों द्वारा फसलों को होने वाले नुकसान को शामिल नहीं किया गया था, लेकिन बाद में राज्य सरकारों के अनुरोध पर इसे ऐड-ऑन कवर के रूप में जोड़ा गया, जिसका खर्च राज्य सरकार उठाती है। जलभराव को सभी अधिसूचित फसलों के लिए कवर किया गया है, हालांकि हाइड्रोफिलिक फसलों जैसे धान, पटसन, मेस्टा और गन्ने के लिए स्थानीय दावों को छोड़कर बीमा उपलब्ध है। यह योजना किसानों की आय सुरक्षा और कृषि क्षेत्र में स्थिरता लाने में सहायक है, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी महत्वपूर्ण विषय है।

पीएमएफबीवाई के अंतर्गत शामिल जोखिमों और आपदाओं की जानकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में सामान्य जागरूकता और सरकारी योजनाओं के अंतर्गत पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। बैंक पीओ, एसबीआई, आईबीपीएस और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में इस योजना के उद्देश्य, कवरेज और नवीनतम संशोधनों पर आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, सरकारी योजनाओं के तहत किसानों की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र में सुधार के प्रयासों से संबंधित प्रश्न भी पूछे जा सकते हैं, जिससे उम्मीदवारों को इस विषय पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।