✎ पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी 2026 ओडिशा की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Art & Culture
**पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी 2026** में ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जा रहा है, जिसमें भगवान जगन्नाथ की प्रतिमाओं से लेकर पट्टचित्र, तारकशी तथा संबलपुरी कला जैसी पारंपरिक कलाकृतियाँ शामिल हैं। यह संग्रह राज्य की भक्ति, शिल्पकला, चित्रकला, वस्त्र और साहित्यिक परंपराओं को एकीकृत रूप में प्रस्तुत करता है, जिसमें जगन्नाथ परिवार की रथ पर सवार कलाकृति तथा पुरी रथ यात्रा को दर्शाती पट्टचित्र पेंटिंग प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, कटक की चांदी की तारकशी, संबलपुरी इकत वस्त्र तथा पंचु डोला मेला जैसे त्योहारों को भी स्थान दिया गया है, जो ओडिशा की बहुआयामी सांस्कृतिक पहचान को उजागर करते हैं। यह पहल न केवल राज्य की विरासत को संरक्षित करने का प्रयास है, बल्कि इसके माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक एकता और विविधता को भी रेखांकित किया गया है।
इस आयोजन का महत्व प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी तथा एसएससी के दृष्टिकोण से भी अत्यंत प्रासंगिक है। परीक्षाओं में अक्सर भारतीय कला एवं संस्कृति से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, जहाँ ओडिशा की पारंपरिक कलाओं जैसे पट्टचित्र, तारकशी, संबलपुरी इकत तथा रथ यात्रा जैसे विषयों पर आधारित प्रश्नों की संभावना रहती है। इसके अलावा, सरकारी योजनाओं और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रयासों से संबंधित तथ्यों का भी परीक्षा में पूछा जाना संभव है, जिससे उम्मीदवारों को राष्ट्रीय स्तर की पहलों से अपडेट रहने की आवश्यकता होती है। इस प्रकार, यह नोट न केवल सांस्कृतिक ज्ञान को समृद्ध करेगा, बल्कि परीक्षा की तैयारी में भी सहायक सिद्ध होगा।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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