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प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा ‘मिशन सक्षम आंगनवाड़ी’ और ‘पोषण 2.0’ के तहत ‘पोषण ट्रैकर’ डिजिटल एप्लिकेशन को एक महत्वपूर्ण गवर्नेंस टूल के रूप में शुरू किया गया है। यह ऐप आंगनवाड़ी केंद्रों, आंगनवाड़ी कर्मियों और लाभार्थियों की वास्तविक समय की निगरानी और ट्रैकिंग सुनिश्चित करता है, जिससे योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा और सुधार संभव हो पाता है। इसने आंगनवाड़ी सेवाओं से संबंधित वास्तविक समय के डेटा संग्रह को आसान बनाया है, जैसे कि आंगनवाड़ी केंद्रों का खुलना, बच्चों की दैनिक उपस्थिति, ईसीसीई गतिविधियां, बच्चों की वृद्धि निगरानी, गर्म पका हुआ भोजन और टेक-होम राशन का प्रावधान। आधार-आधारित ट्रैकिंग से लाभार्थियों की सही पहचान संभव हुई है, लीकेज पर रोक लगी है और फर्जी प्रविष्टियों को खत्म किया गया है, जिसमें 99.88 प्रतिशत पंजीकृत लाभार्थी आधार सत्यापित हैं। इसके अतिरिक्त, लाभार्थियों को टेक-होम राशन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पोषण ट्रैकर में ‘नॉमिनी मॉड्यूल’ और ‘फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस)’ भी शुरू किया गया है, जिससे सेवा वितरण में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी है।

बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सरकार की डिजिटल इंडिया पहल और सुशासन (गुड गवर्नेंस) के प्रयासों को दर्शाती है। ‘पोषण ट्रैकर’ जैसी पहलें सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन, वित्तीय समावेशन (आधार-आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से लीकेज रोकना) और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने में प्रौद्योगिकी की भूमिका को उजागर करती हैं। इन परीक्षाओं में सरकारी योजनाओं, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों, प्रौद्योगिकी के उपयोग और अर्थव्यवस्था पर उनके प्रभाव से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। यह ऐप वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने और लक्षित लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने में डिजिटल साधनों के महत्व को भी दर्शाता है, जो बैंकिंग क्षेत्र में धोखाधड़ी नियंत्रण और वित्तीय सेवाओं के वितरण से संबंधित अवधारणाओं के लिए प्रासंगिक है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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