✎ बीआरआईसीएस वैश्विक संस्थानों में सुधार एवं मुक्त व्यापार प्रणाली के पक्ष में है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: International Relations
ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक में उभरते बाजारों तथा विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की आवाज़ बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने एक संयुक्त बयान में एकतरफा टैरिफ और व्यापारिक उपायों की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे कदम विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों के विपरीत हैं और वैश्विक व्यापार को विकृत करते हैं। ब्रिक्स समूह ने ब्रेटन वुड्स संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें आईएमएफ और विश्व बैंक के शासन ढांचे को वैश्विक अर्थव्यवस्था के बदलते स्वरूप के अनुसार ढालने की बात कही गई। इसके अलावा, ब्रिक्स ने आईएमएफ की 16वीं सामान्य समीक्षा के तहत सहमत कोटा वृद्धि को तुरंत लागू करने और 17वीं समीक्षा के तहत कोटा पुनर्संरेखण के लिए सार्थक दृष्टिकोण विकसित करने का आह्वान किया। इस संदर्भ में, बैंकिंग और वित्तीय परीक्षाओं के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि आईएमएफ और विश्व बैंक में सुधार किस प्रकार वैश्विक आर्थिक शासन को प्रभावित करता है, जो आरबीआई ग्रेड बी और एसबीआई पीओ जैसी परीक्षाओं के लिए प्रासंगिक है।
ब्रिक्स देशों ने स्थानीय मुद्राओं के उपयोग को बढ़ावा देने और सीमा पार भुगतान प्रणालियों को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) की भूमिका को और व्यापक बनाने की बात कही, जिसमें विकास और आधारभूत संरचना परियोजनाओं के वित्तपोषण में इसकी भूमिका शामिल है। इसके अलावा, ब्रिक्स ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जलवायु वित्त जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया। यह जानकारी एसएससी सीजीएल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जहां अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर प्रश्न पूछे जाते हैं। ब्रिक्स के इन प्रयासों से वैश्विक आर्थिक संरचना में बदलाव की
स्रोत: orissapost.com
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