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उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाएं भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण ईकोसिस्टम को मजबूत कर रही हैं, जिससे घरेलू उत्पादन, निर्यात और मूल्यवर्धन में वृद्धि हो रही है। पिछले बारह वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन सात गुना बढ़कर 13.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जबकि निर्यात ग्यारह गुना बढ़कर 4.24 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। मोबाइल फोन के उत्पादन में 33 गुना वृद्धि हुई है, जबकि निर्यात में 165 गुना वृद्धि हुई है। सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न उपायों, जैसे बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए पीएलआई योजना, आईटी हार्डवेयर के लिए पीएलआई योजना 2.0, इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना (ईसीएमएस), सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम, और संशोधित इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर (ईएमसी 2.0) योजना ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इन योजनाओं के परिणामस्वरूप, भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरा है और मोबाइल फोन के उत्पादन में दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। इससे न केवल घरेलू उत्पादन बढ़ा है, बल्कि निर्यात और मूल्यवर्धन में भी वृद्धि हुई है, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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