plutusacademy
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग ने भारत के भौगोलिक संकेत (जीआई) उत्पादो — concept mind map
GI products commercialization MOUMSME MinistryPromotes SMEs, artisansDPIITGI registration, legal protectionGI ProductsRegional identity, economic valueONDCE-commerce platform accessGEMGovernment e-marketplaceMoUCollaboration agreement
GI products commercialization MOU

✎ जीआई उत्पादों के व्यावसायीकरण हेतु एमएसएमई मंत्रालय और डीपीआईआईटी के बीच सहयोग से पारंपरिक उद्योगों और कारीगरों को वैश्विक बाजार तक पहुंच मिलेगी।

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: International Relations

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने हाल ही में 5 अगस्त, 2026 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य भारत के भौगोलिक संकेत (जीआई) उत्पादों के व्यावसायीकरण और वैश्विक बाजार तक उनकी पहुंच को बढ़ावा देना है। इस समझौते के तहत, दोनों मंत्रालय मिलकर जीआई उत्पादों को ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) और सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) जैसे प्लेटफार्मों से जोड़ेंगे, जिससे स्थानीय कारीगरों और उत्पादकों को व्यापक बाजार मिल सके। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनियों में “भारत जीआई” बैनर के तहत समर्पित पवेलियन स्थापित किए जाएंगे, जिससे जीआई उत्पादों की वैश्विक पहचान और विपणन को बल मिलेगा। यह पहल आत्मनिर्भर भारत और “वोकल फॉर लोकल” के दृष्टिकोण को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस समझौते का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से अत्यंत प्रासंगिक है। बैंकिंग क्षेत्र में, जीआई उत्पादों के निर्यात और विपणन से संबंधित नीतियों का ज्ञान वित्तीय संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में मदद मिलती है। एसएससी परीक्षाओं में, इस समझौते के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, बौद्धिक संपदा अधिकार और सरकारी योजनाओं जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षा के लिए, यह समझौता देश की निर्यात क्षमता, बौद्धिक संपदा संरक्षण और ग्रामीण विकास से संबंधित नीतियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जो मौद्रिक नीति और आर्थिक विकास के विषयों से जुड़े होते हैं।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।