प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
‘मिशन मौसम’ भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक व्यापक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसका उद्देश्य देश को ‘मौसम के लिए तैयार और जलवायु के प्रति जागरूक राष्ट्र’ बनाना है। इसका शुभारंभ 14 जनवरी 2025 को प्रधानमंत्री द्वारा किया गया था, जिसका मुख्य लक्ष्य पृथ्वी प्रणाली अवलोकन एवं पूर्वानुमान प्रणालियों को सुदृढ़ करना, उच्च प्रभाव वाली मौसम घटनाओं के लिए समय पूर्व चेतावनी प्रणाली को बेहतर बनाना तथा निर्बाध मौसम एवं जलवायु सेवाओं का विस्तार करना है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2024 में इस मिशन को स्वीकृति प्रदान की थी, जिसमें 2024-25 एवं 2025-26 के लिए कुल 2,000 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया था। इस योजना के अंतर्गत अत्याधुनिक मौसम निगरानी तकनीकों, उच्च-रिज़ॉल्यूशन वायुमंडलीय अवलोकन प्रणालियों, अगली पीढ़ी के डॉप्लर मौसम रडार, पवन प्रोफाइलर्स एवं उन्नत उपग्रहों के माध्यम से मौसम पूर्वानुमान क्षमताओं को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग प्रणालियों, एआई/एमएल आधारित मॉडलों तथा प्रभाव-आधारित पूर्वानुमानों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे आपदा प्रबंधन एवं जलवायु लचीलापन को सुदृढ़ किया जा सके।
‘मिशन मौसम’ का महत्व बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। बैंकिंग क्षेत्र में, मौसम एवं जलवायु से संबंधित जोखिमों का आकलन करने तथा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में ऋण वितरण एवं वसूली नीति बनाने में इस मिशन से प्राप्त डेटा सहायक सिद्ध होगा। एसएससी परीक्षाओं में, राष्ट्रीय योजनाओं, बजट आवंटन एवं तकनीकी नवाचार जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जाने की संभावना है, जहाँ ‘मिशन मौसम’ के उद्देश्यों एवं बजटीय प्रावधानों का उल्लेख किया जा सकता है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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