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भारतीय रेलवे ने मुरादाबाद डिवीजन के शेष 712 किलोमीटर पर कवच 4.0 परियोजना के लिए 170 करोड़ रुपये की स्‍वीकृति दी — diagram
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कवच 4.0 प्रणाली

✎ कवच 4.0 स्वदेशी तकनीक है जो रेल सुरक्षा बढ़ाने के लिए स्वचालित ब्रेकिंग और एसपीएडी रोकने में मदद करती है।

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भारतीय रेलवे ने हाल ही में उत्तरी रेलवे के मुरादाबाद डिवीजन के शेष 712 किलोमीटर मार्ग पर स्वदेशी ‘कवच 4.0’ नामक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली लागू करने के लिए 170 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। यह प्रणाली ‘स्वचालित ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम’ के रूप में कार्य करेगी, जो ट्रेन संचालन में सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत प्रदान करेगी। ‘कवच’ तकनीक खतरे के सिग्नल पार करने जैसी दुर्घटनाओं को रोकने, आवश्यकता पड़ने पर स्वतः ब्रेक लगाने तथा गंभीर परिस्थितियों में ट्रेन की गति नियंत्रित करने में सक्षम है, जिससे रेल दुर्घटनाओं का जोखिम काफी कम हो जाएगा। यह पहल भारतीय रेलवे द्वारा अपने पूरे नेटवर्क में कवच तकनीक के विस्तार तथा रेल सुरक्षा बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

इस परियोजना का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी अत्यधिक है। बैंकिंग क्षेत्र में, जहां सरकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचा विकास से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, इस प्रकार की पहलों से देश के आर्थिक विकास और सुरक्षा मानकों में सुधार पर आधारित उत्तर लिखे जा सकते हैं। एसएससी परीक्षाओं में भी राष्ट्रीय विकास से जुड़े विषयों पर प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें रेलवे आधुनिकीकरण जैसी पहलों का उल्लेख किया जा सकता है। आरबीआई ग्रेड बी में भी सरकारी नीतियों और उनके आर्थिक प्रभावों पर आधारित प्रश्नों के लिए यह विषय प्रासंगिक है, क्योंकि रेलवे बुनियादी ढांचे में सुधार से व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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