✎ मेकेडाटू परियोजना में अतिरिक्त जल उपयोग कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण के निर्देशों के विरुद्ध है, अतः संशोधित डीपीआर प्रस्तुत करना आवश्यक।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
मेकेडाटू परियोजना को लेकर केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने कर्नाटक से संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) प्रस्तुत करने को कहा है। सीडब्ल्यूसी ने अपने पत्र में बताया कि परियोजना में प्रस्तावित जल उपयोग आवंटन से अधिक है। डीपीआर के अनुसार, परियोजना का उद्देश्य बेंगलुरु महानगर क्षेत्र और उसके आसपास के क्षेत्रों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 4.75 टीएमसी फीट अतिरिक्त जल उपयोग करना है। हालांकि, संशोधित योजना में इसे बढ़ाकर 6.95 टीएमसी फीट कर दिया गया है, जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने कर्नाटक को केवल 6.5 टीएमसी फीट जल उपयोग की अनुमति दी है। सीडब्ल्यूसी ने कर्नाटक से सीडब्ल्यूडीटी पुरस्कार और अपनी टिप्पणियों के अनुरूप डीपीआर को संशोधित करने का निर्देश दिया है।
इस परियोजना का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए भी है। बैंकिंग क्षेत्र में जल संसाधन प्रबंधन और विवादों के समाधान जैसे मुद्दे अक्सर पूछे जाते हैं। एसएससी परीक्षाओं में भी राष्ट्रीय जल विवादों और उनके आर्थिक प्रभावों पर सवाल बन सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी में जल संसाधन प्रबंधन और इसके आर्थिक प्रभावों पर भी ध्यान दिया जाता है। इस प्रकार, यह मामला इन परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
स्रोत: The Hindu
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