
✎ यूपीआई भुगतान शुल्क व्यापारी लेनदेन पर लागू होगा, पर ग्राहकों पर कोई भार नहीं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
**विपक्षी सांसदों ने संसदीय समिति में यूपीआई भुगतान पर व्यापारियों से शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर चिंता व्यक्त की**
नई दिल्ली में बुधवार को आयोजित वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक में मुख्य रूप से विपक्षी दलों के सांसदों ने सरकार के उस निर्णय पर चिंता व्यक्त की, जिसके तहत 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतानों पर व्यापारियों से शुल्क लिया जाएगा। समिति के अध्यक्ष भर्तृहरि महताब ने बताया कि कुछ सदस्यों ने इस मुद्दे को उठाया और अगली बैठक में इसे गंभीरता से लिया जाएगा। आरएसपी सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने इसे “जन-विरोधी” फैसला बताते हुए कहा कि इससे देश की पूरी आबादी प्रभावित होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह शुल्क केवल व्यापारियों के लिए है, ग्राहकों पर कोई बोझ नहीं डाला जाएगा, और व्यक्तिगत लेन-देन पूरी तरह से निशुल्क रहेंगे।
इस निर्णय का उद्देश्य यूपीआई पारिस्थितिकी तंत्र में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को पुनः लागू करना है, जो लगभग छह वर्षों से निलंबित था। हालांकि, विपक्षी सदस्यों का तर्क है कि इससे छोटे व्यापारियों और आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। यह मुद्दा बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यूपीआई देश में डिजिटल भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है। आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी परीक्षाओं के लिए यह जानकारी राजनीतिक अर्थव्यवस्था और डिजिटल भुगतान प्रणाली के संदर्भ में प्रासंगिक है।
स्रोत: orissapost.com
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