✎ भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता दोनों पक्षों के व्यापार और निवेश में वृद्धि करेगा तथा शुल्कों में कमी लाएगा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
**यूरोपीय आयोग ने भारत के व्यापार समझौते को परिषद के समक्ष हस्ताक्षर के लिए प्रस्तुत किया**
यूरोपीय आयोग ने शुक्रवार को यूरोपीय परिषद के समक्ष भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर और अनुमोदन के लिए औपचारिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। इस कदम से दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इस समझौते को “सभी समझौतों की जननी” कहा जा रहा है और यदि इसे परिषद द्वारा अनुमोदित कर दिया जाता है, तो यह अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता होगा, जिसे यूरोपीय संघ और भारत ने कभी संपन्न किया है। इस समझौते के लागू होने के बाद दोनों पक्षों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार में बाधाएं कम होंगी, टैरिफ में कमी आएगी और निवेश के लिए स्पष्ट नियम स्थापित होंगे। इससे यूरोपीय संघ और भारत के बीच 180 अरब यूरो से अधिक के वार्षिक व्यापार को और गति मिलेगी तथा लगभग 8 लाख यूरोपीय रोजगार को समर्थन मिलेगा।
इस समझौते का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी अत्यधिक है। बैंकिंग क्षेत्र में, इस प्रकार के व्यापारिक समझौतों से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेशी मुद्रा भंडार और निर्यात-आयात नीतियों पर प्रभाव पड़ता है, जो बैंकिंग परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों के केंद्र में रहते हैं। एसएससी परीक्षाओं में, ऐसे समझौतों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, आर्थिक गठजोड़ और वैश्विक अर्थव्यवस्था से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षा में, व्यापार समझौतों के माध्यम से वैश्विक आर्थिक नीतियों, मुद्रा विनिमय दरों और व्यापार संतुलन जैसे विषयों पर प्रश्नों की संभावना रहती है। इस प्रकार, इस समझौते की जानकारी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक सिद्ध हो सकती है।
स्रोत: orissapost.com
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