✎ भारत की सुरक्षा नीति में कूटनीति और सैन्य क्षमता दोनों का समान महत्व है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के पास ‘तर्क की शक्ति’ (कूटनीति) और ‘शक्ति का तर्क’ (सैन्य क्षमता) दोनों मौजूद हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश अपनी सुरक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर निर्णायक कार्रवाई करने में सक्षम है, जैसा कि बालाकोट एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे उदाहरणों से सिद्ध हुआ है। उनका यह बयान इस बात पर जोर देता है कि भारत कूटनीति और सैन्य शक्ति के बीच संतुलन बनाकर राष्ट्रीय हितों की रक्षा करता है। उन्होंने यह भी बताया कि 21वीं सदी में राष्ट्रीय सुरक्षा केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें साइबर हमले, आर्थिक सुरक्षा और दुष्प्रचार जैसे नए खतरे भी शामिल हैं। इससे स्पष्ट होता है कि भारत अपनी सुरक्षा रणनीति को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप ढाल रहा है, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण विषय है।
इस बयान का महत्व परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी काफी है, क्योंकि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा नीति, रक्षा तैयारियों और कूटनीतिक रणनीतियों जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा बजट, सैन्य अभियानों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े सवाल अक्सर पूछे जाते हैं। राजनाथ सिंह के इस बयान से यह समझा जा सकता है कि भारत अपनी सुरक्षा नीति में किस प्रकार कूटनीति और सैन्य शक्ति का संतुलन बनाए रख रहा है, जो परीक्षाओं के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है। इसके अलावा, इससे यह भी पता चलता है कि भारत किस प्रकार नए खतरों जैसे साइबर हमलों और आर्थिक सुरक्षा के प्रति सजग है, जो भविष्य की परीक्षाओं में भी पूछा जा सकता है।
स्रोत: amarujala.com
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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