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आरटीआई मामले में हाईकोर्ट का आदेशएकलपीठ का आदेशहाईकोर्ट का आदेशमामलाराजभवन की रिपोर्टराजभवन की रिपोर्टसमय15 साल पुराना15 साल पुरानानिर्णयबदला गयाबदल दिया
आरटीआई मामले में हाईकोर्ट का आदेश

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance

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जबलपुर: राजभवन की रिपोर्ट से जुड़े 15 साल पुराने आरटीआई मामले में हाईकोर्ट ने एकलपीठ का आदेश बदला है। हाईकोर्ट की युगलपीठ ने राजभवन से राज्यपाल की मासिक रिपोर्ट और केंद्रीय पत्राचार की जानकारी मांगने के 15 साल पुराने आरटीआई मामले में एकलपीठ के आदेश में संशोधन किया है। अब आवेदक पहले रिकॉर्ड का निरीक्षण कर दस्तावेजों के लिए आवेदन प्रस्तुत करेगा। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने अपील का निराकरण करते हुए आवेदक को संबंधित दस्तावेजों का निरीक्षण करने और उसके बाद आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी स्पष्ट करते हुए आवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

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यह घटना बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शासन, पारदर्शिता और सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के कार्यान्वयन से संबंधित है। आरटीआई अधिनियम नागरिकों को सरकारी कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का अधिकार देता है, जो सुशासन का एक महत्वपूर्ण पहलू है। इस मामले में, यह दर्शाता है कि कैसे कानूनी प्रक्रियाएं सूचना तक पहुंच को प्रभावित कर सकती हैं और सरकारी संस्थानों की जवाबदेही को बनाए रखने में न्यायपालिका की भूमिका पर प्रकाश डालती हैं। उम्मीदवारों को आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों, इसके महत्व और शासन के विभिन्न पहलुओं पर इसके प्रभाव को समझना चाहिए।

स्रोत: amarujala.com


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