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महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ किया: राष्ट्रव्यापी अभियान में आहार विविधता, खाने में — diagram
आंगनवाड़ी केंद्रपोषण सेवाएं14 लाख+ केंद्रस्वास्थ्य सेवाएं7.5 करोड़ बच्चेस्तनपान सहायता1.10 करोड़ महिलाएंजन आंदोलन2047 तक लक्ष्य
आंगनवाड़ी केंद्र

✎ राष्ट्रीय पोषण माह 2026 पोषण को जन आंदोलन बनाकर कुपोषण मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास करता है।

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महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 9 सितंबर 2026 को वाराणसी में राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन के रूप में आहार विविधता, पर्याप्त प्रोटीनयुक्त भोजन और ताजे पके भोजन पर विशेष जोर देना है। इस अभियान के तहत 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 7.5 करोड़ बच्चों, 1.10 करोड़ गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं तथा 16 लाख किशोरियों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनवाड़ी केंद्रों को जीवंत सामुदायिक संस्थानों के रूप में विकसित करने तथा डिजिटल निगरानी के माध्यम से सेवा वितरण में सुधार पर बल दिया है, जबकि केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने 2047 तक सुपोषित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पोषण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। इस अभियान की सफलता सामुदायिक भागीदारी, सक्रिय प्रशासन और तकनीकी सुदृढ़ीकरण पर निर्भर करेगी, जिसका सीधा संबंध राष्ट्र की स्वास्थ्य एवं विकासात्मक प्रगति से है।

बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए यह विषय अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें सरकारी योजनाओं, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों और राष्ट्रीय अभियानों के कार्यान्वयन तथा उनके प्रभाव का विश्लेषण शामिल है। बैंकिंग परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, सामाजिक क्षेत्र के विकास और सरकारी नीतियों के क्रियान्वयन पर केंद्रित हो सकते हैं, जबकि एसएससी में इससे संबंधित तथ्यों जैसे आंगनवाड़ी केंद्रों की संख्या, लाभार्थियों की संख्या और योजनाओं के बजटीय आवंटन पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी में भी पोषण अभियान जैसे सामाजिक क्षेत्र के कार्यक्रमों के आर्थिक प्रभाव, स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण तंत्र और डिजिटल निगरानी प्रणाली पर आधारित प्रश्न अपेक्षित हैं। इस प्रकार, यह विषय परीक्षा में सरकारी न

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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