✎ राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत 30 केटीपीए हरित हाइड्रोजन उत्पादन से ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को बल मिलेगा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) के माध्यम से भारत सरकार पेट्रोलियम और रिफाइनिंग क्षेत्र में हरित हाइड्रोजन के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एनजीएचएम की स्ट्रेटेजिक इंटरवेंशन्स फॉर ग्रीन हाइड्रोजन ट्रांजिशन (एसआईजीएचटी) मोड-2बी योजना के अंतर्गत चार प्रमुख रिफाइनरियों—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पानीपत), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीना), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (विजाग) और नुमालीगढ़ रिफाइनरीज लिमिटेड (नुमालीगढ़)—में कुल 30 किलो टन प्रति वर्ष (केटीपीए) हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता विकसित की जा रही है। ये परियोजनाएं निजी डेवलपर्स द्वारा बिल्ड-ओन-ऑपरेट मॉडल के तहत कार्यान्वित की जा रही हैं, जिससे परियोजना-विशिष्ट निवेश को बढ़ावा मिलेगा। हरित हाइड्रोजन के उपयोग से जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों तथा नेट-जीरो उत्सर्जन के प्रति प्रतिबद्धता को बल मिलेगा।
यह पहल बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इससे ऊर्जा क्षेत्र, हरित क्रांति, सरकारी योजनाओं और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। बैंक पीओ परीक्षाओं में हरित हाइड्रोजन से संबंधित ऋण, निवेश और सब्सिडी जैसे वित्तीय पहलुओं पर सवाल उठाए जा सकते हैं, जबकि एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी में इसके आर्थिक, पर्यावरणीय और नीति संबंधी निहितार्थों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन जैसी सरकारी पहलों
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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